ज़िन्दगी जीना आसान नहीं होता
बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता
जब तक ना पड़े हथोड़े की चोट
पत्थर भी भगवान नहीं होता ।
आप वो मुकाम हासिल नहीं कर पाए जो आप करना चाहते थे। आपको लगता है कि आपके दोस्त आप से आगे निकल गए। आपकी उम्र ज्यादा हो गई है। आप पीछे रह गए हैं।
अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप सही जगह है।
हम आपके लिए मोटीवेशन से ब्लॉग ले कर आते हैं। अगर आपके दिन की शुरुवात हमारे वीडियो से होती है, तो आपका पूरा दिन सकारात्मत ऊर्जा के साथ गुजरेगा। आप अपने उद्देश्यों को हासिल कर पायेंगे । आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर ले , और नोटिफिकेशन बेल दबा दे , जिस से की आपके दिन कि पॉजिटिव मोटीवेशन यानि positivation के साथ हो।
1.दोस्तों हम सभी कुछ बनना चाहते हैं। कुछ हासिल करना चाहते हैं। लेकिन कभी ऐसा होता है कि हम उस दौर में खुद को पीछा महसूस करते हैं लोग हम से आगे निकल जाते हैं। और ऐसे में हम चिंतित हो जाते हैं। डिप्रेस हो जाते हैं। दुनिया के महानतम बास्केट बॉल खिलाड़ी माइकल जार्डन ने कहा है -
"मैं अपनी जिंदगी में बार-बार असफल हुआ हूँ और इसीलिए मैं सफल होता हूँ." दोस्तों ,
Abraham Lincoln के असफलताओं का रिकॉर्ड बहुत लंबा हैं। 31 वे साल में वे बिज़नेस में फ़ैल हो गए। 32 वें साल में वे state legislator का चुनाव हार गए। 33 वें साल में उन्होंने एक नया बिज़नेस की कोशिस किया, और फिर फ़ैल हो गए। 35 वें साल में उनकी मंगेतर का निधन हो गया। 36 वें साल में उनका nervous break-down हो गया। 43 वें साल में उन्होंने कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा पर हार गए। 48 वें साल में उसने फिर कोशिस की पर हार गए. 55 वें साल में उन्होंने सीनेट के लिए चुनाव लड़ा पर हार गए, अगले साल उन्होंने वाईस प्रेजिडेंट के लिए चुनाव लड़ा पर हार गए। 59 वें साल में उन्होंने फिर से सीनेट के लिए चुनाव लड़ा पर हार गए। अंत में 1860 में वे अमेरिका के 16 वाँ राष्ट्रपति बने।
उनमें खूबी यह थी कि 30 साल के पीरियड में इतनी बार हारने के बावजूद वे बिल्कुल निराश नहीं हुए,
बल्कि हर बार नए उत्साह के साथ आगे संघर्ष करते रहे।
उनके लिए प्रत्येक हार सिर्फ एक पल की बाधा थी, कोई अंत नहीं।
65 साल के उम्र में कर्नल सैंडर्स का चलता रेस्तरां बंद हो गया । उस वक्त उनकी उम्र 65 हो चुकी थी और हाल यह था की खोने के लिए अब उनके पास में कुछ भी नहीं बचा था।
उनको अपने चिकन प्रयोग पर बहुत भरोसा था । उन्होंने अलग-अलग रेस्टोरेंट से मिलना शुरू किया। और सब उनको रिजेक्ट करते गये।
लेकिन कर्नल सैंडर्स भी अड़े रहे, लगे रहे, सीखते रहे और चलते रहे। और करते-करते एक हजार नौ (1009) लोगो ने उनको रिजेक्ट कर दिया फिर जाकर उनको मिली उनकी पहली हाँ।
हाँ , एक हजार नौ बार रिजेक्ट होने के बाद, एक हजार नौ बार ना सुनने के बाद उनको उनकी पहली हाँ मिली।
सोचो 65 की उम्र में, जब लोग रिटायर हो जाते है, एक इस उम्र में जब लोग दुबारा उठने से हार मान लेते है। उस उम्र में उन्होंने अपने चिकन प्रयोग के साथ एक ऐसा बिज़नस खड़ा कर दिया जो आज 120 देश में है, 18000 से ज्यादा KFC के रेस्टोरेंट्स (Restaurants) है और 20 अरब डॉलर से ज्यादा सालाना कमाती हैं ।
दोनों ने अपनी जिंदगी में बहुत असफलता झेली । अपने परिवार को खोया । दोनों की एक बात same थी कि इन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा । याद रखो हम वही नहीं कर पाते हैं, जिसे पाने की कोशिश हमने छोड़ दी हैं। वरना मेहनत करने वाले तो चांद पे भी पहुच जाते हैं।
उम्र तो बस एक नंबर हैं। आपके पास हासिल करने का जज्बा होना चाहिए। मिलिंद सोमन 52 साल की उम्र में आयरनमैन बन सकते हैं। तो आप इस उम्र में सफल क्यूं नहीं हो सकते। तुम्हारे और सफलता के बीच एक ही बाधा हैं , वो हैं तुम्हारा नजरिया, तुम्हारी सोच ।
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